ईंधन की कीमतों में फिर उछाल और आम उपभोक्ता परेशान
नई दिल्ली — देश भर के उपभोक्ताओं को एक बार फिर वित्तीय मोर्चे पर तगड़ा झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पिछले महज आठ दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी की घोषणा की है। शनिवार से प्रभावी हुई इस वृद्धि के तहत पेट्रोल और डीजल की दरों में औसतन 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) की कीमतों में ₹1 प्रति किलोग्राम का उछाल देखा गया है।
कुल पड़ा प्रभाव (The Cumulative Impact)
15 मई से शुरू हुए मूल्य समायोजन (price adjustments) के इस मौजूदा दौर के बाद से कीमतों में लगातार आ रहे इस उछाल ने घरेलू बजट पर भारी दबाव डाल दिया है। महज एक सप्ताह से थोड़े अधिक समय में, उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल दोनों के लिए लगभग ₹4.80 प्रति लीटर की संचयी (cumulative) वृद्धि का सामना करना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर, इसी अवधि के दौरान उत्तर भारत में सीएनजी उपयोगकर्ताओं पर कुल ₹4 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी का बोझ पड़ा है।
शहरों के अनुसार विवरण: शनिवार को खुदरा कीमतें (Retail Prices)
इस नवीनतम संशोधन का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न है, जिसमें कोलकाता में प्रमुख महानगरों के मुकाबले सबसे तीव्र वृद्धि देखी गई है:
| शहर | पेट्रोल (प्रति लीटर) | डीजल (प्रति लीटर) | सीएनजी (प्रति किलोग्राम) |
| दिल्ली | ₹99.51 | ₹92.49 | ₹81.09 |
| कोलकाता | ₹110.64 | ₹97.02 | — |
| मुंबई | ₹108.49 | ₹95.02 | — |
| चेन्नई | ₹105.31 | ₹96.98 | — |
उत्तर प्रदेश में, सीएनजी की कीमतें गाजियाबाद और नोएडा में ₹89.70 प्रति किलोग्राम तथा मेरठ में ₹89.58 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं।
वैश्विक अस्थिरता से बढ़ रही स्थानीय लागत
उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष कीमतों में इस उतार-चढ़ाव का प्राथमिक कारण है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आए व्यवधान ने कच्चे तेल (crude oil) की कीमतों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखा है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि मई के मध्य तक भारत का कच्चे तेल का बास्केट (crude oil basket) औसतन $107.96 प्रति बैरल रहा, जबकि ब्रेंट क्रूड वायदा (Brent crude futures) पिछले शुक्रवार को $104.25 प्रति बैरल के उच्च स्तर पर बंद हुआ।
उत्तर भारत की सबसे बड़ी सिटी गैस वितरण कंपनी, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने सीएनजी की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी के लिए इनपुट गैस की बढ़ती लागत की भरपाई करने की आवश्यकता को जिम्मेदार ठहराया है। सोशल मीडिया के माध्यम से जारी एक बयान में, आईजीएल ने उल्लेख किया कि खुदरा मूल्य में यह संशोधन रुपये के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की “तीव्र मजबूती” (appreciation) के कारण भी आवश्यक हो गया था, जिसने आयातित गैस की लागत को और अधिक बढ़ा दिया है।
