अमेरिका-ईरान युद्धविराम समाप्त: होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद के बीच फिर भड़का सैन्य संघर्ष
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को घोषणा की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम अब “समाप्त” हो चुका है। हालांकि, उन्होंने बातचीत के रास्ते पूरी तरह से बंद न करते हुए कड़े तेवर दिखाए हैं। यह स्थिति दोनों देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की स्थिति को लेकर हुए ताजा विवाद और सैन्य हमलों के बाद पैदा हुई है।
दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि अमेरिका द्वारा किए गए लगातार “उल्लंघनों” ने दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के कई प्रमुख हिस्सों को “निष्प्रभावी” बना दिया है।
ट्रम्प का कड़ा रुख और नए हमलों की चेतावनी
तुर्की के अंकारा में नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ व्यवहार करना केवल “समय की बर्बादी” है।
- ट्रम्प का बयान: “जहां तक मेरा सवाल है, यह (युद्धविराम) खत्म हो चुका है। मैं अपने वार्ताकारों को बात जारी रखने दूंगा यदि वे चाहें, लेकिन मुझे इसमें कोई भविष्य नहीं दिखता। वे हर दिन समझौते का उल्लंघन करते हैं।”
- ताजा सैन्य कार्रवाई का संकेत: ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अमेरिका बुधवार रात ईरान पर फिर से कड़ा हमला करेगा।
17 जून को दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद यह दूसरा मौका है जब अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर सीधे हमले किए हैं।
तनाव की मुख्य वजह: होर्मुज जलडमरूमध्य पर अधिकार
इस सैन्य तनाव के केंद्र में यह सवाल है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण किसका होगा।
- मार्ग निर्धारित करने का विवाद: समझौते में टैंकरों के सुरक्षित मार्ग का आह्वान किया गया था। हालांकि, ईरान ने अपने तट के साथ एक “निर्दिष्ट मार्ग” बनाया और वाणिज्यिक जहाजों को स्थानीय अधिकारियों के समन्वय में ही वहां से गुजरने को कहा।
- टैंकरों पर हमले: वीकेंड के दौरान ओमान के तट के पास एक वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों—मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाले M/T Al Rekayyat, सऊदी अरब के M/T Wedyan, और लाइबेरिया के M/T Cyprus Prosperity पर हमला किया गया।
- प्रतिबंधों की छूट रद्द: इन जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति देने वाली अपनी प्रतिबंध छूट (sanctions waiver) को रद्द कर दिया और हवाई हमले शुरू कर दिए।
CENTCOM के हवाई हमले और ईरानी हताहत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि 7 जुलाई को उसने कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान के खिलाफ 80 से अधिक ठिकानों पर सटीक बमबारी की।
अमेरिकी हमलों के मुख्य लक्ष्य:
- ईरानी हवाई रक्षा प्रणालियाँ और कमान/नियंत्रण नेटवर्क।
- तटीय रडार स्थल और एंटी-शिप मिसाइल क्षमताएं।
- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से अधिक छोटी नौकाएं।
ईरान का दावा और नुकसान: ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, बंदर अब्बास और बुशहर में अमेरिका के इन हमलों में वायु एवं नौसेना बल के 8 ईरानी सैन्यकर्मी मारे गए। इसके जवाब में, ईरान ने दावा किया है कि उसने फारस की खाड़ी में 85 अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया है।
भारत ने जताई गहरी चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को फिर से निशाना बनाए जाने और बढ़ते सैन्य तनाव पर भारत ने बुधवार को अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।
विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा:
“हम सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे संयम बरतें और इस संघर्ष के शांतिपूर्ण तथा स्थायी समाधान के लिए कूटनीति और संवाद के रास्ते पर वापस लौटें।”
