संयुक्त राष्ट्र: संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा पर वैश्विक रिपोर्ट और ब्लैकलिस्टिंग
संयुक्त राष्ट्र ने अपने वार्षिक रिपोर्ट में संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा के दस्तावेजीकरण के संबंध में एक अभूर्वपूर्व कदम उठाया गया है। इस विषय पर वैश्विक समीक्षा शुरू होने के 15 से अधिक समय में पहली बार इजरायली और रूसी दोनों सशस्त्र बलों को ‘ब्लैकलिस्ट’ किया गया है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- रिपोर्ट का प्रकटीकरण: शुक्रवार को इसके आधिकारिक विमोचन से पहले, गुरुवार देर रात संयुक्त राष्ट्र में इजरायली मिशन द्वारा इस 35 पृष्ठों की रिपोर्ट को साझा किया गया।
- मामलों में तीव्र वृद्धि: यह रिपोर्ट वैश्विक संघर्ष क्षेत्रों की एक गंभीर तस्वीर पेश करती है, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में वर्ष 2025 में यौन हिंसा के मामलों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
- वैश्विक दायरा: कुल मिलाकर, यह दस्तावेज़ एक दर्जन (12) देशों के 77 सरकारी और गैर-सरकारी पक्षों को ब्लैकलिस्ट करता है।
बंदियों के साथ दुर्व्यवहार और युद्धकालीन आचरण (Detainee Abuse and Wartime Conduct)
इजरायल और रूस के सरकारी सैन्य बलों को शामिल करना युद्धकालीन आचरण की संयुक्त राष्ट्र द्वारा सार्वजनिक निंदा में एक महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है।
- महासचिव की चेतावनी: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस द्वारा पिछले वर्ष की रिपोर्ट में दोनों देशों को “नोटिस पर” (चेतावनी के तहत) रखा गया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि उनके संबंधित रिकॉर्ड में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें इस सूची में शामिल किया जा सकता है।
- इजरायल और फिलिस्तीनी क्षेत्र:
- संयुक्त राष्ट्र ने पूरे 2025 के दौरान इजरायल और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में हिरासत में लिए गए फिलिस्तीनियों के खिलाफ यौन हिंसा के स्पष्ट “पैटर्न” (प्रवृत्तियों) का दस्तावेजीकरण किया है।
- जांचकर्ताओं ने गाजा और वेस्ट बैंक के 14 पुरुषों, 7 महिलाओं, 9 लड़कों और 1 लड़की पर की गई संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा की कई घटनाओं की पुष्टि की है।
- रिपोर्ट के अनुसार, इन कृत्यों को अक्सर प्रताड़ना (torture) के एक रूप के रूप में इस्तेमाल किया गया था।
- रूस और यूक्रेन युद्ध:
- रूसी सशस्त्र और सुरक्षा बलों को भी इसी तरह इस वर्ष पहली बार ब्लैकलिस्ट किया गया है।
- उन्हें यूक्रेन में चल रहे युद्ध के दौरान युद्धबंदियों (prisoners of war) और हिरासत में लिए गए नागरिकों के खिलाफ की गई यौन हिंसा के लिए उद्धृत किया गया है।
- हमास की स्थिति: वर्ष 2025 की इस सूची में हमास के लड़ाके भी शामिल हैं। उन्हें पहले 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल के भीतर किए गए उनके हमले के बाद ब्लैकलिस्ट किया गया था, जिसके कारण गाजा में वर्तमान युद्ध शुरू हुआ था।
तीव्र राजनयिक प्रतिक्रिया (Diplomatic Blowback)
इस ब्लैकलिस्टिंग के कारण तत्काल और तीखी राजनयिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।
- इजरायल द्वारा खंडन: इजरायल ने फिलिस्तीनी बंदियों के साथ अपने व्यवहार से जुड़े आरोपों को स्पष्ट और श्रेणीबद्ध रूप से खारिज कर दिया है।
- राजदूतों का आक्रोश: इजरायल और रूस दोनों के राजदूतों ने सूची में शामिल किए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया और सीधे महासचिव गुटेरेस पर निशाना साधा।
- राजनयिक अपमान: इजरायल के लिए, हमास—वह उग्रवादी समूह जिसके खिलाफ वह दो साल से अधिक समय से एक विनाशकारी युद्ध लड़ रहा है—के साथ एक ही सूची में रखा जाना एक गंभीर राजनयिक अपमान के रूप में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष (Conclusion)
तीखे बयानों और खंडन के बावजूद, यह रिपोर्ट एक कड़े अंतर्राष्ट्रीय अभियोग (indictment) के रूप में खड़ी है। यह दुनिया के सबसे अशांत और संवेदनशील संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा को तेजी से एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने की चिंताजनक वैश्विक प्रवृत्ति को रेखांकित करती है।
