राजनीति

विजय ने संभाली तमिलनाडु की कमान और असम में सरमा बरकरार

रविवार और मंगलवार के दिनों ने भारतीय राज्य राजनीति में एक ऐतिहासिक सप्ताह दर्ज किया है। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की गरजती भीड़ से लेकर गुवाहाटी की रणनीतिक बैठकों तक, देश का राजनैतिक मानचित्र फिर से लिखा जा रहा है।

दक्षिण में, दशकों पुराने द्विध्रुवीय वर्चस्व (Duopoly) में आखिरकार दरार आ गई है, वहीं पूर्वोत्तर में एक अनुभवी नेता ने अपनी विरासत को और मजबूत किया है। यहाँ प्रमुख बदलावों का विवरण दिया गया है:

तमिलनाडु: “थलापति” युग का सूत्रपात

1967 से तमिलनाडु की राजनीति को परिभाषित करने वाले DMK-AIADMK के द्विध्रुवीय प्रभुत्व को आधिकारिक रूप से समाप्त करते हुए, अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय ने रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

52 वर्षीय विजय ने राहुल गांधी सहित कई राष्ट्रीय नेताओं और समर्थकों के जनसैलाब के सामने अपने सिग्नेचर “पंची स्टाइल” (प्रभावशाली शैली) में शपथ ली। विशेष रूप से, वह राज्य के इस शीर्ष संवैधानिक पद पर बैठने वाले अल्पसंख्यक धार्मिक समुदाय के पहले सदस्य हैं।

नया मंत्रिमंडल: नए चेहरे शुरुआती मंत्रिमंडल छोटा है लेकिन यह पुराने ढर्रे से हटकर बदलाव का संकेत देता है:

  • कुल सदस्य: 9 (मुख्यमंत्री सहित)।
  • नई ऊर्जा: 9 में से 8 पहली बार मंत्री बने हैं।
  • विविधता: इसमें शुरुआती तौर पर एक महिला मंत्री को भी शामिल किया गया है।
  • विस्तार: 13 मई को होने वाले फ्लोर टेस्ट के बाद कैबिनेट विस्तार की उम्मीद है, जिससे यह राज्य की पहली गठबंधन सरकार के रूप में उभर सकती है।

प्रथम दिवस: तीन प्रमुख फाइलों पर हस्ताक्षर कार्यभार संभालते ही मुख्यमंत्री विजय ने मंच से ही तीन प्रमुख कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर अपने वादों को अमली जामा पहनाया:

  1. मुफ्त बिजली: घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली (उन लोगों के लिए जिनका द्विमासिक उपभोग 500 यूनिट से कम है)।
  2. महिला सुरक्षा: सिंगा पेन” [शेरनी] विशेष बल का गठन, जिसके तहत 37 जिलों में 65 विशेष पुलिस स्टेशन कार्य करेंगे।
  3. नारकोटिक्स विरोधी टास्क फोर्स: अवैध नशीली दवाओं के कारोबार पर नकेल कसने के लिए एक समर्पित इकाई।

विजय ने पिछली सरकार पर ₹10 लाख करोड़ का कर्ज छोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत पत्र” जारी करने और अपने प्रशासन में भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का संकल्प लिया।

असम: हिमंत बिस्वा सरमा की “डबल इंजन” निरंतरता

जहाँ तमिलनाडु ने क्रांति देखी, वहीं असम ने निरंतरता (Continuity) को चुना। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) के शानदार प्रदर्शन के बाद, हिमंत बिस्वा सरमा इस मंगलवार को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं।

दूसरे कार्यकाल की राह 126 सदस्यीय विधानसभा की बैठक के बाद यह प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई, जहाँ सरमा को सर्वसम्मति से एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया।

  • गठबंधन: यह सरकार भाजपा, असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) की साझेदारी से चलेगी।
  • VVIP अतिथि: शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गज शामिल होंगे।

जवाबदेही की संस्कृति भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रेखांकित किया कि यह दूसरा कार्यकाल शासन की एक नई संस्कृति” पर केंद्रित होगा—जो सक्रिय (Proactive), संवेदनशील (Responsive) और जवाबदेह (Accountable) हो। चाहे वह दक्षिण में विजय का “एकल केंद्र” नेतृत्व हो या पूर्वोत्तर में सरमा की “दूसरी पारी”, मतदाताओं का संदेश स्पष्ट है: वे परिणाम, पारदर्शिता और अतीत की यथास्थिति से बदलाव चाहते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *