मध्य प्रदेश विधानसभा में पास हुआ ‘UCC बिल’: बहुविवाह और निकाह हलाला होगा अपराध
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने से जुड़ा ऐतिहासिक विधेयक पारित कर दिया। विपक्ष (कांग्रेस) के भारी हंगामे और कड़े विरोध के बीच ‘मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता 2026 विधेयक’ को ध्वनिमत (Voice Vote) से पास कर दिया गया।
मानसून सत्र के दूसरे दिन इस बिल को मंजूरी मिली। हंगामे के दौरान कांग्रेस विधायकों ने पेपर लीक और राम मंदिर के दान से जुड़े मुद्दों पर भी विरोध दर्ज कराया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी करनी पड़ी।
विधेयक के प्रमुख प्रावधान
- अपराध घोषित: नए कानून के तहत बहुविवाह (Polygamy) और निकाह हलाला को आपराधिक कृत्य घोषित किया गया है।
- लिव-इन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए अपना पंजीकरण (Registration) कराना कानूनन अनिवार्य होगा।
- जनजातीय आबादी को छूट: मध्य प्रदेश की विशाल आदिवासी (Tribal) आबादी को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।
‘अमर, अकबर, एंथनी… सब पर लागू होगा एक कानून’ — मुख्यमंत्री
विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और उस पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया:
“अगर कांग्रेस सदस्यों में बाबा साहेब आंबेडकर के प्रति थोड़ा सा भी सम्मान है, तो उन्हें यूसीसी का समर्थन करके अपने पापों का प्रायश्चित करना चाहिए। कांग्रेस के तुष्टिकरण के कारण हमारी माताओं और बहनों ने अन्याय सहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक को खत्म करके मुस्लिम महिलाओं को उनके अधिकार दिए… हम यूसीसी इसलिए लागू कर रहे हैं ताकि अमर, अकबर, एंथनी, रॉबिन और रहीम—सब पर एक ही कानून लागू हो।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश
