पुंछ और राजौरी जिलों में फ्लैश फ्लड का भीषण कहर
जम्मू/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में फ्लैश फ्लड (Flash Floods) और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। रविवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 11 लोगों की जान चली गई, जबकि 10 लोग अब भी लापता हैं। शुरुआती आकलन के अनुसार, बाढ़ के तेज बहाव के कारण 100 से अधिक घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और लगभग दो दर्जन स्कूल भवनों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
कुल 11 मौतों में से 9 पुंछ में और 2 राजौरी जिले में दर्ज की गई हैं। कई गाड़ियां पानी के तेज बहाव में तिनके की तरह बह गईं। पीर पंजाल घाटी का पुंछ जिला इस आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा किश्तवाड़ और राजौरी में भी बाढ़ ने सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है और कई जगहों पर भूस्खलन से यातायात ठप हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी खराब मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गों से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संभाली कमान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपना दिल्ली दौरा बीच में ही छोड़कर तुरंत जम्मू पहुंचे। उन्होंने सिविल सचिवालय में एक आपातकालीन उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और सभी उपायुक्तों (DCs) तथा मैदानी एजेंसियों को संवेदनशील इलाकों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आदेश जारी किए:
“प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता कीमती मानवीय जानों को सुरक्षित रखना है। लापता लोगों को तलाशने और उन्हें तेजी से रिकवर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके। इसके साथ ही भारी बारिश से प्रभावित हुई सड़कों, बिजली, पेयजल और संचार लाइनों को युद्धस्तर पर बहाल किया जाए।” — उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री, जम्मू-कश्मीर
राहत कार्य में जुटी सेना और SDRF
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि नागरिक प्रशासन, पुलिस, भारतीय सेना, और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के जवान स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ मिलकर जमीन पर सक्रिय रूप से राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
इसी बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। गृह मंत्री ने प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का पूरा भरोसा दिया है।
मौसम की चेतावनी: मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में रुक-रुक कर भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। प्रशासन ने नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित पहाड़ी इलाकों के पास रहने वाले लोगों, यात्रियों और पर्यटकों को मौसम साफ होने तक इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी है।
