नीति आयोग का बड़ा रोडमैप: 2035 तक भारत ग्लोबल बायोटेक पावरहाउस
नई दिल्ली: भारत को 2035 तक दुनिया की शीर्ष तीन जैव-प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी) महाशक्तियों में शामिल करने के लिए नीति आयोग ने एक महत्वाकांक्षी रणनीतिक रोडमैप जारी किया है। इसके तहत 50,000 करोड़ रुपए के ‘बायोइकोनॉमी ग्रोथ फंड’ (BioEconomy Growth Fund) के गठन, बायोमैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना और छह समर्पित राष्ट्रीय बायोटेक्नोलॉजी मिशन शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है।
गुरुवार को जारी नीति आयोग की रिपोर्ट — “Roadmap for building India as a leading bioeconomy powerhouse by 2035” — के अनुसार, भारत को अपनी मौजूदा BioE3 (Biotechnology for Economy, Environment and Employment) नीति के व्यापक ढांचे से आगे बढ़कर अब नए वित्तपोषण, नियामक सुधारों और अंतर-मंत्रालयी समन्वय के साथ मिशन-मोड में काम करने की आवश्यकता है।
1. ‘वैली ऑफ डेथ’ को खत्म करेगा 50,000 करोड़ रुपए का फंड
बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र में रिसर्च/प्रूफ-ऑफ-कांसेप्ट और व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन के बीच एक बड़ा अंतर (जिसे ‘वैली ऑफ डेथ’ कहा जाता है) होता है।
- प्रस्तावित 50,000 करोड़ रुपए का फंड (2026-35) इसी अंतर को दूर करेगा।
- यह फंड ब्लेंडेड फाइनेंस, इक्विटी-रिस्क इंस्ट्रूमेंट्स, वायबिलिटी-गैप फंडिंग और एडवांस्ड थेरेप्यूटिक्स, सिंथेटिक बायोलॉजी, किण्वन प्रौद्योगिकियों (fermentation technologies) व डायग्नोस्टिक्स के निर्माण के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता प्रदान करेगा।
“हमारा उद्देश्य केवल शोध (Research) तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बायोटेक्नोलॉजी कंपनियों का निर्माण करना है।”
— देवजानी घोष, डिस्टिंग्विश्ड फेलो, नीति आयोग
2. ये हैं 6 राष्ट्रीय बायो-मिशन (National BioMissions)
रोडमैप में 2035 तक स्पष्ट और मापने योग्य परिणामों के लिए छह राष्ट्रीय मिशन शुरू करने का सुझाव दिया गया है:
- जीन-इंडिया (GeneIndia): सस्ती जीन और सेल थेरेपी विकसित करने के लिए।
- एग्रीबायो 2.0 (AgriBio 2.0): जलवायु-सहनशील (climate-resilient) जीन-संपादित फसलों और जैविक कृषि इनपुट के लिए।
- बायो-एक्स फाउंड्री (BioX Foundry): सिंथेटिक बायोलॉजिकल नवाचारों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए।
- वन हेल्थ ग्रिड (One Health Grid): संक्रामक बीमारियों और रोगाणुरोधक प्रतिरोध (AMR) की एकीकृत निगरानी हेतु।
- मरीन बायोटेक्नोलॉजी (Marine Biotechnology): समुद्री शैवाल (seaweed) की खेती और समुद्री जैव-उत्पादों के विस्तार के लिए।
- बायोफॉर्मा-नेक्स्ट (BioPharmaNext): भारत को बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर और AI-आधारित दवा खोज (AI-enabled drug discovery) का वैश्विक हब बनाने के लिए।
3. आर्थिक लक्ष्य और 3 करोड़ से अधिक नई नौकरियां
नीति आयोग के इस रोडमैप का लक्ष्य देश की बायोइकोनॉमी को कई गुना बढ़ाना है:
| समय-सीमा | बायोइकोनॉमी का आकार (Target) |
| 2025 (वर्तमान स्थिति) | 195.3 अरब डॉलर |
| 2035 (मध्यम अवधि लक्ष्य) | 691 अरब डॉलर |
| 2047 (दीर्घकालिक लक्ष्य) | 2.6 ट्रिलियन डॉलर |
इसके अलावा, इस पूरे बदलाव और औद्योगिक विस्तार से देश में 3 करोड़ (30 मिलियन) से अधिक उच्च-मूल्य वाली (high-value) नौकरियों का सृजन होने का अनुमान लगाया गया है।
